शुक्रवार, 26 अगस्त 2016

श्री अजय मंडावी (काष्ठकला में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त)

श्री अजय मंडावी


श्री अजय मंडावी, पिता स्व. श्री आर.पी. मंडावी, उम्र 48 वर्ष, निवासी उदय नगर कांकेर (छत्तीसगढ़) विगत 30 वर्षों से उड़न आर्ट (काष्ठकला) का कार्य कर रहे हैं |  वर्तमान में जिला जेल कांकेर में कैदियों को काष्ठ कला का प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं |  गोंड समाज के सपूत श्री मंडावी की काष्ठकला विश्व में ख्याति प्राप्त हैं |  काष्ठ की बारीक से बारीक स्वच्छ एवं सुंदर कलाकारी उनकी विशेषग्यता और योग्यता को दर्शाता है, जो उनके जीवंत एल्बम में दिखाई दे रहा है |  श्री मंडावी द्वारा काष्ठकला के माध्यम से बाइबिल का लेखन किया गया है |  काष्ठ के बारीक अक्षरों के माध्यम से दुनिया के अनेक राष्ट्रों के राष्ट्रगीत, राष्ट्र गान आदि का अंकन श्री मंडावी द्वारा किया जा चुका है |   श्री मंडावी के हुनर का इस एल्बम के माध्यम से अवलोकन कर सकते हैं |  आर्थिक अभाव के बावजूद इन्होने अपनी कलाकारी को विश्व के शिखर तक पहुंचा दिया है | किन्तु ऐसा प्रतीत हो रहा है कि श्री मंडावी आदिवासी उनका आदिवासी होना राज्य, और देश में ख्याति के लिए अभिशाप है !  इसलिए उनकी कलाकृति का परचम, ख्याति से बहुत कम लोग अवगत हैं | यदि ऐसे कलाकार की कला कृति विश्व स्तर का होने के बावजूद भी छत्तीसगढ़ राज्य और देश में उनकी पहचान नहीं हो पा रही है |  यह अत्यंत खेदजनक है |  

इनकी कलाकृति पर राज्य सरकार ने वर्ष 2006 में स्टेट अवार्ड प्रदान किया है |  महामहिम राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय सम्मान "पद्मश्री" से सम्मानित किया गया है |  श्री मंडावी की विशेषग्यता "लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड 2007 में दर्ज है |  भाई अजय मंडावी को काष्ठकला में अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञता के लिए हमारी और समाज की ओर से बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं |

इसके अलावा श्री मंडावी अनेक प्रशिक्षकीय और सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, जिन्हें आगे अपडेट किया जाएगा.



























=======

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें